Rajasthan: Human Rights Commission issued guidelines for prevention of corona virus

अन्नपूर्णा दूध योजना की समीक्षा कर खोजे जाएंगे अन्य विकल्प – शिक्षा राज्य मंत्री

Last Updated on by Sntv24samachar

जयपुर, 7 मार्च। शिक्षा राज्य मंत्री श्री गोविन्द सिंह डोटासरा ने शनिवार को विधानसभा में कहा कि अन्नपूर्णा दूध योजना की क्रियान्विति में आ रही समस्याओं तथा दूध में पर्याप्त पोषण नहीं होने व मिलावट की संभावनाओं को देखते हुये इस योजना की उच्च स्तर पर समीक्षा की जाएगी। उन्होंने सदन में आश्वस्त किया कि बच्चों को पूर्ण पोषण मिले, इसके लिए सही विकल्प का चयन कर सरकार द्वारा निर्णय लिया जाएगा।

 श्री डोटासरा ने विधायक श्री रोहित बौहरा की ओर से इस संबंध में रखे गये ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुये कहा कि विद्यार्थियों को दुग्ध वितरण में दूध की गुणवत्ता सुनिश्चित कर पाना एक बड़ी चुनौती है। यह मामला बच्चों के भविष्य से जुड़ा है तथा राज्य सरकार द्वारा इस विषय पर गंभीरता से अन्य विकल्प तलाशने का प्रयास किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि शिक्षकों द्वारा दुग्ध वितरण में आ रही समस्याओं को समय-समय पर राज्य सरकार के समक्ष रखा गया है। इसलिए राज्य सरकार द्वारा इस योजना की उच्च स्तर पर समीक्षा कर निर्णय लिया जायेगा। 

इससे पहले श्री डोटासरा ने इस संबंध में अपने लिखित वक्तव्य में बताया कि राज्य सरकार द्वारा 2 जुलाई 2018 को अन्नपूर्णा दूध योजना शुरू की गई थी। पहले इस योजना के तहत सप्ताह में 3 दिन विद्यार्थियों को दूध देने का प्रावधान किया गया था। बाद में एक सितम्बर 2018 को इसे 6 दिन के लिए कर दिया गया। श्री डोटासरा ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत राजकीय विद्यालयाें, मदरसों एवं विशेष प्रशिक्षण केन्द्रों (एसटीसी) में कक्षा 1 से 8 तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को दूध उपलब्ध कराया जा रहा है।

योजना के तहत शहरी क्षेत्र में सरस डेयरी से दूध क्रय किये जाने का प्रावधान किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में पंजीकृत महिला दुग्ध उत्पादक सहकारी समितियों से दूध क्रय किये जाने का प्रावधान किया गया है। इसके उपलब्ध नहीं होने पर महिला दूध उत्पादक सहकारी समिति, महिला स्वयं सहायता समूह, अन्य स्वयं सहायता समूह से दूध क्रय किये जाने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि इस योजना के अन्तर्गत दूध की गुणवत्ता जांचने के लिए राज्य सरकार की ओर से विद्यालयों को लेक्टोमीटर क्रय करने के निर्देश दिये गये थे। दूध में वसा की मात्रा, पानी की मात्रा तथा मिलावट को जांचने के लिए यह निर्देश दिये गये थे। योजना के तहत प्रार्थना सभा के बाद दूध गर्म कर फिर उसे ठण्डा कर बच्चों को पिलाने का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि अन्नपूर्णा दूध योजना के अन्तर्गत दूध के स्थान पर प्रोटीन-बार उपलब्ध कराने का प्रस्ताव वर्तमान में विचाराधीन नहीं है।

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