Rajasthan: Human Rights Commission issued guidelines for prevention of corona virus

राजस्थान अधिवक्ता कल्याण निधि (संशोधन) विधेयक, 2020 ध्वनिमत से पारि

Last Updated on by Sntv24samachar

जयपुर, 7 मार्च। राजस्थान विधानसभा ने शनिवार को राजस्थान अधिवक्ता कल्याण निधि (संशोधन) विधेयक,  2020 को ध्वनिमत से पारित कर दिया।


इससे पहले विधि मंत्री श्री शांति कुमार धारीवाल ने विधेयक को चर्चा के लिए सदन में प्रस्तुत किया। विधेयक पर सदन में हुई चर्चा के बाद विधेयक के उद्देश्यों एवं कारणों पर प्रकाश डालते हुए विधि मंत्री ने बताया कि कई सदस्यों ने अधिवक्ताओं के लिए स्टाई फंड की आवश्यकता जताई है जो बिल्कुल सही है। उन्होंने कहा कि इसका परीक्षण करवाया जा रहा है।

उन्होंने सदस्यों की ओर से इस निधि में आनुपातिक प्रणाली के आधार पर योगदान देने की मांग पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में बार कॉउन्सिल और जो ट्रस्ट समिति बनाई है उसकी तरफ से इस संबंध में कोई मांग नहीं की गई है, लेकिन इस पर आगे विचार किया जा सकता है। उन्होंने अधिवक्ताओं के लिए प्रोटेक्शन बिल की मांग करने पर कहा कि इसका भी परीक्षण करवाया जा रहा है।    उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस निधि में जो एक लाख रुपये सदस्यता शुल्क निर्धारित किया है वह वैकल्पिक है, चाहे तो दे सकते है। उन्होंने कहा कि इसे चाहे तो एक साथ दे सकते हैं या हर साल भी दे सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिल में हमारी तरफ से कुछ भी नहीं जोड़ा बल्कि बार कॉउन्सिल एवं इस संबंध से गठित ट्रस्ट समिति की राय के अनुसार ही सब कुछ तय किया गया है।


श्री धारीवाल ने कहा कि वित्तीय सहायता को दो लाख 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 7 लाख रुपये किया गया है, लेकिन बाद में बार कॉउन्सिल और सरकार के मध्य इस पर काफी विचार विमर्श हुआ। इस विचार विमर्श के बाद पिछले 7 वषोर्ं में बढ़ती महंगाई और रुपए के अमूल्यन की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सहायता राशि को सात लाख से बढ़ाकर आठ लाख रुपये किए गए हैं।     

 उन्होंने कहा कि राजस्थान अधिवक्ता कल्याण निधि का गठन वकीलों की सहायता के लिए किया गया है। उन्होंने कहा कि इसका उपयोग अधिवक्ताओं कि मृत्यु एवं चिकित्सा उपचारों में सहायता देने के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस निधि का प्रशासन एक ट्रस्ट के द्वारा किया जायेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसमें सरकार न तो एक पैसा देती है और ना ही एक पैसा लेगी। उन्होंने कहा कि यह सब बार कॉउन्सिल और ट्रस्ट समिति की ओर से आये सुझावों के आधार पर अधिवक्ताओं के लिए किया गया है।  


इससे पहले सदन ने विधेयक को प्रचारित करने के प्रस्ताव को ध्वनिमत से अस्वीकार कर दिया।

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