Agricultural University Bikaner: 12 courses of skill education will start from July Very useful for tribal youth of Banswara

जुलाई से शुरू होंगे कौशल शिक्षा के 12 कोर्स बाँसवाड़ा के आदिवासी युवकों के लिए बहु उपयोगी

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कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर: जुलाई से शुरू होंगे कौशल शिक्षा के 12 कोर्स 
बाँसवाड़ा के आदिवासी युवकों के लिए बहु उपयोगी

Agricultural University Bikaner: 12 courses of skill education will start from July
Very useful for tribal youth of Banswara
Agricultural University Bikaner: 12 courses of skill education will start from July
Very useful for tribal youth of Banswara

जयपुर, 17 मार्च। राजस्थान राज्य आई.एल.डी. कौशल विश्वविद्यालय के साथ मंगलवार को यहाँ विश्वविद्यालय परिसर में स्वामी केशवानन्द राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर तथा गोविन्द गुरू आदिवासी विश्वविद्यालय बाँसवाड़ा के साथ एम.ओ.यू. (Memorandum of understanding) किये गये जिसमें दोनों विश्वविद्यालयों ने आगामी जुलाई, 2020 से प्रारम्भ होने वाले शैक्षणिक सत्र से ही कौशल विश्वविद्यालय द्वारा स्वीकृत कोर्स प्रारम्भ करने का निर्णय लिया जो शिक्षित युवकों को तत्काल रोज़गार से जोड़ने के लिए उपयोगी साबित होंगे।


राजस्थान राज्य आई.एल.डी. कौशल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ललित के. पंवार ने स्वामी केशवानन्द राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर के कुलपति प्रो. आर.पी. सिंह तथा गोविन्द गुरू आदिवासी विश्वविद्यालय बाँसवाड़ा के कुलपति प्रो. कैलाश सोडानी के साथ एम.ओ.यू. किये। 


राजस्थान राज्य आई.एल.डी. कौशल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ललित के. पंवार ने बताया कि राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री कलराज मिश्र द्वारा हाल ही सम्पन्न कुलपति समन्वय समिति की बैठक में कहा गया कि राज्य विश्वविद्यालयों व इनसे जुड़े राजकीय महाविद्यालयों को उनके यहाँ अध्ययनरत् शिक्षित युवाओं को तत्काल रोज़गार से जोड़ने के लिए राजस्थान राज्य आई.एल.डी. कौशल विश्वविद्यालय द्वारा स्वीकृत रोज़गारोन्मुखी पाठ्यक्रम प्रारम्भ करने चाहिए।

इसके लिए सभी विश्वविद्यालय राजस्थान राज्य आई.एल.डी. कौशल विश्वविद्यालय के साथ शीघ्र एम.ओ.यू. भी करें। 


स्वामी केशवानन्द राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर के कुलपति प्रो. आर.पी. सिंह ने एम.ओ.यू. के पश्चात बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा आगामी जुलाई माह से प्रारम्भ होने वाले नये शैक्षणिक सत्र से ही 12 पाठ्यक्रम प्रारम्भ किये जायेंगे जो कृषि विश्वविद्यालय में अध्ययरत विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हैं।

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा इन 12 पाठ्यक्रमों में  एक वर्षीय ‘‘डिप्लोमा‘‘, दो वर्षीय ‘‘एडवांस डिप्लोमा‘‘ तथा तीन वर्षीय ‘‘बी. वॉक डिग्री‘‘ प्रारम्भ की जायेगी। उन्होंने बताया कि

  • (1) Agriculture Farm House Management”,
  • (2) “Floriculturist”,
  • (3) “Gardener”,
  • (4) “Green House Management”,
  • (5) “Organic Farming”,
  • (6) “Vertical Farming”,
  • (7) “Broiler Poultry Farm Management Skills”,
  • (8) “Cold Storage Management”, 
  • (9) “Dairy Management”,
  • (10) “Electronic Agriculture Trading Supervisor”,
  • (11) “Hatchery Manager”,   
  • (12) “Soil and Water Testing Lab Analyst” कोर्स इस विश्वविद्यालय में अध्ययनरत् विद्यार्थियों के लिए बहुत उपयोगी है जो उनके नियमित डिग्री के साथ विद्यार्थी कर सकेंगे। 


कुलपति डॉ. ललित के. पंवार ने बताया कि विश्वविद्यालय ने कॉनकरन्ट कोर्स (‘‘समवर्ती पाठ्यक्रम‘‘) स्वीकृत कर विश्वविद्यालय एवं विभिन्न महाविद्यालयों में अध्ययनरत् विद्यार्थियों को कौशल शिक्षा से जुड़े विभिन्न पाठ्यक्रमों में ‘‘सर्टिफिकेट‘‘, ‘‘डिप्लोमा‘‘, ‘‘एडवांस डिप्लोमा‘‘, ‘‘डिग्री‘‘ करने की सुविधा प्रदान की है। इन कोर्स के करने से विद्यार्थी को आसानी से रोज़गार उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय अब तक कौशल शिक्षा से जुड़े 119 पाठ्यक्रम स्वीकृत कर चुका है। 


स्वामी केशवानन्द राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, बीकानेर के कुलपति प्रो. आर.पी. सिंह ने बताया कि कौशल विश्वविद्यालय ने कौशल शिक्षा से जुडे़ 119 पाठ्यक्रम स्वीकृत कर शिक्षित युवाओं को रोज़गार प्राप्त करने का अच्छा रास्ता दिखाया है वहीं ‘‘कॉनकरन्ट कोर्स‘‘ की स्वीकृति देकर ‘‘सोने पे सुहागा‘‘ का काम भी किया है। कृषि विश्वविद्यालय के लिए कृषि के साथ पर्यटन से जुड़े 10 अन्य कोर्स भी उपयोगी साबित होंगे। 


गोविन्द गुरू आदिवासी विश्वविद्यालय बाँसवाड़ा के कुलपति प्रो. कैलाश सोडानी ने कौशल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ललित के. पंवार के साथ एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर करने के पश्चात बताया कि आदिवासी क्षेत्र के शिक्षित युवाओं को रोज़गार दिलाने की दृष्टि से कौशल विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम उनके विश्वविद्यालय के लिए बहुत उपयोग साबित होंगे। बाँसवाड़ा के आदिवासी क्षेत्र में कौशल से जुड़े पाठ्यक्रमों की आवश्यकता है जो कौशल विश्वविद्यालय के माध्यम से अब पूरी होगी।

गोविन्द गुरू आदिवासी विश्वविद्यालय व इससे सम्बद्धित विभिन्न महाविद्यालय अब राजस्थान राज्य आई.एल.डी. कौशल विश्वविद्यालय से सम्बद्धता प्राप्त कर कौशल शिक्षा से जुड़े पाठ्यक्रम प्रारम्भ कर सकेंगे। आदिवासी क्षेत्र में पर्यटन व होटल प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पाठ्यक्रम बहुत उपयोगी साबित होंगे।


राजस्थान राज्य आई.एल.डी. कौशल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ललित के. पंवार ने बताया कि विश्वविद्यालय ने राज्य के सभी राजकीय विश्वविद्यालय व महाविद्यालयों को कॉनकरन्ट कोर्स प्रारम्भ करने के लिए सम्बद्धता शुल्क नहीं लेने का निर्णय लिया है। इन संस्थानों में अध्ययनरत् विद्यार्थी मात्र विशेष एनरोलमेंट व परीक्षा शुल्क ही देंगे। 


राजस्थान राज्य आई.एल.डी. कौशल विश्वविद्यालय के निदेशक कौशल शिक्षा प्रो. अशोक के. नगावत ने बताया कि कॉनकरन्ट कोर्स करने वाले विद्यार्थियों के लिए माइग्रेशन सर्टिफिकेट की कोई आवश्यकता नहीं होगी। ऎसे विद्यार्थियों का अलग से विशेष एनरोलमेंट किया जायेगा। इस प्रकार विद्यार्थी एक डिग्री के साथ- साथ कौशल विश्वविद्यालय के माध्यम से ‘‘सर्टिफिकेट‘‘, ‘‘डिप्लोमा‘‘, ‘‘एडवांस डिप्लोमा‘‘, ‘‘डिग्री‘‘ भी प्राप्त कर सकेंगे।


एम.ओ.यू. के दौरान राजस्थान राज्य आई.एल.डी. कौशल विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री देवेन्द्र शर्मा व परीक्षा नियंत्रक श्री प्यारे मोहन त्रिपाठी भी मौजूद थे।