भुसावर उपखण्ड में लगेगा करन्ज,केम्पा के 70 हजार पौधा तैयार

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  • भुसावर उपखण्ड में लगेगा करन्ज
  • -केम्पा के 70 हजार पौधा तैयार
  • -एक जुलाई से होगा वितरण
  • -15 रूपए में मिलेगा पौधा
Karanj, 70 thousand trees of Kempa ready in Bhusawar subdivision
भुसावर उपखण्ड में लगेगा करन्ज,केम्पा के 70 हजार पौधा तैयार

भुसावर,वन विभाग की ओर से वन पौधाशाला खेरलीमोड व हलैना पर केम्पा योजना से तैयार हुए 70 हजार पौधाओं का वितरण एक जुलाई से होगा,जिनकी देखभाल व रखरखाव में वन विभाग के अधिकारी व कर्मचारी लगे हुए है।

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण,भुसावर-वैर पंचायत समिति क्षेत्र की ग्राम पंचायत,राजकीय स्कूल,सरकारी व अद्र्व सरकारी संस्थान,समाजसेवी संगठन आदि को प्राथमिकता देते हुए वन प्रेमियों को पौधा उपलब्ध कराए जाऐगे,एक पौधा की मूल्य 15 रू होगा।

वन विभाग रनेज नदबई-हलैना के रेन्जर जीतेन्द्रसिंह मीणा ने बताया कि केन्द्र सरकार की केम्पा योजना से रेन्ज क्षेत्र की पौधशाला खेरलीमोड-हलैना पर 70 हजार पौधा तैयार कराए गए,खेरलीमोड पौधशाला पर 25 हजार तथा हलैना पौधशाला पर 45 हजार तैयार कराए हुए,जो पौधा 3 साल से अधिक आयु के है,जिनका वितरण एक जुलाई से किया जाऐगा।

एक पौधा का मूल्य 15 रूपए रखा गया है। ये पौधा भुसावर-वैर उपखण्ड के सरकारी व अद्र्व सरकारी भूमि सहित निजी भूमि पर लगाए जाऐगे। दोनों स्थान की पौधशालाओं पर पौधाओं की देखभाल व रखरखाव जारी है,जहां वन विभाग के कर्मचारी एवं मनरेगा श्रमिक लगे हुए,जो प्रतिदिन पौधाओ से खरपत व कचडा निकालने के साथ-साथ सिंचाई का ध्यान रखते है।

ना आवारा जानवर भय ना नुकसान का डर

करन्ज पौधा तथा उसकी छाया देख प्रत्येक राहगीर का मन करन्ज की छाया में विश्राम करने का मन करता है,करन्ज का पौधा लगाना भी आसान है,पौधा को आवारा जानवर नही खाता और ना ही कोई व्यक्ति नुकसान पहुंचाता,रेन्जर जीतेन्द्रसिंह मीणा ने बताया कि करन्ज के पौधा को कम पानी की आवश्यकता होती है,ये जल्द बडा हो जाता है। पौधा को गाय-भेंस,भेड-बकरी नही खाते और आवारा जानवर भी नुकसान नही पहुंचाते है। करन्ज की छाया आमजन के लिए लाभदायक है।

केम्पा पौधशाला से मिला रोजगार।

केन्द्र सरकार की केम्पा योजना से बेरोजगारों को रोजगार मिलने लगा है,जहां केम्पा की पौधशाला है,वहां बेरोजगारों को मनरेगा योजना के तहत रोजगार मिला रहा है। काम का पैसा भी टांस्क के अनुसार पूरा मिलता है। वनपाल आकाश शर्मा ने बताया के केम्पा पौधाशाला पर ग्राम पंचायत के माध्यम से मनरेगा के श्रमिक लगाए जाते है,जिनसे पौधशाला पर काम कराया जाता है। मनरेगा से बेरोजगारों को रोजगार मिलने लगा है